ये कहानी, एकदम सच्ची, कई साल पुरानी है। मेरा नाम, चलो, इसे गुप्त ही रखते हैं, पर मेरे दोस्त, जो बड़े-बड़े चुदक्कड़ और रंडीबाज थे, आज भी मेरे इस कारनामे की वाह-वाह करते हैं। सच्ची बात बोलूँ, मैंने ये सब सिर्फ दारू के नशे में किया। उन दिनों मैं रोज टल्ली होता था, और दारू मुझे हर वक्त चुदास चढ़ा देती थी… Read More